On the irony of winning the battle of LIFE..!
जग से अगर है जीतना,
तो जग को साथ लीये चलो ,
जग जो ये पीछे छूट गया ,
तो जग ये मानो जीत गया ...
जो जीत की ख़ुशी जब बाटोगे,
तो जग ही होगा रमने वाला,
जग जो ये पीछे छूट गया
तो सूना जायेगा जश्न तुम्हारा ..
अजब ही ये विडम्बना,
जग से बैर, जग से ही नाता,
इसी में जन्मा, इसी से संघर्ष
रे योद्धा! विदा तू कैसे लेगा सहर्ष ...??
क्यूँकि जग जो ये पीछे छूट गया,
तो रह जाएगा बस सन्नाटा ....!!
जग से अगर है जीतना,
तो जग को साथ लीये चलो ,
जग जो ये पीछे छूट गया ,
तो जग ये मानो जीत गया ...
जो जीत की ख़ुशी जब बाटोगे,
तो जग ही होगा रमने वाला,
जग जो ये पीछे छूट गया
तो सूना जायेगा जश्न तुम्हारा ..
अजब ही ये विडम्बना,
जग से बैर, जग से ही नाता,
इसी में जन्मा, इसी से संघर्ष
रे योद्धा! विदा तू कैसे लेगा सहर्ष ...??
क्यूँकि जग जो ये पीछे छूट गया,
तो रह जाएगा बस सन्नाटा ....!!
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