Saturday, October 20, 2012

मेरी धुन ...



जीतने की धुन में जीती रही मैं,
जीते-जीते जीना ही भूल गयी ....
जीवन में जीत या जीत में जीवन ..?
जाने क्या माँगा, क्या पाया।।



जीतना - To Win
जीना - To Live

2 comments: